Kohinoor Diamond: एलिजाबेथ की मौत के बाद ट्विटर पर कोहिनूर वापस लाने की मांग, जानें इस हीरे का इतिहास

कोहिनूर हीरे के मामले में भारत सरकार ने सर्वोच्च न्यायलय में कहा है - '20 करोड़ डॉलर मूल्य वाला कोहिनूर हीरा ना ही जबरदस्ती छीना गया और ना ही चुराया गया है। यह सिख रियासत के ओर से एक संधि होने पर ईस्ट इण्डिया कंपनी को दिया गया था।'

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Reported by Pankaj Yadav

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kohinoor diamond returning demond after queen death

ब्रिटेन में सबसे अधिक समय तक राजगद्दी पर आसीन रहने वाली महारानी एलिज़ाबेथ की मृत्यु होने के बाद सोशल मिडिया पर कोहिनूर हीरे (Kohinoor Diamond) की वापसी की माँगे हो रही है। फिलहाल तो महारानी के बेटे प्रिंस चार्ल्स (Prince Charles) के पद पर बैठने के बाद उनकी पत्नी डचेन कॉर्नवाल कैमिला के पास 105 कैरट का हीरा जाएगा।

कोहिनूर हीरे के मामले में भारत सरकार ने सर्वोच्च न्यायलय में कहा है – ’20 करोड़ डॉलर मूल्य वाला कोहिनूर हीरा ना ही जबरदस्ती छीना गया और ना ही चुराया गया है। यह सिख रियासत के ओर से एक संधि होने पर ईस्ट इण्डिया कंपनी को दिया गया था।’

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हमारा Kohinoor Diamond आपस दो – ट्वीटर मुहीम

ध्यान रखे कोहिनूर एक बड़ा एवं बेरंग हीरा है जो कि 14वीं सदी के शुरू में दक्षिण भारत से प्राप्त हुआ था। भारत के ब्रिटिश दौर में यह ब्रिटेन के पास पहुँचा था। किन्तु अब इसका ऐतिहासिक मालकियत का विवाद चर्चा का विषय बनता जा रहा है। इस पर भारत के साथ और तीन देशों का दावा किया जाता रहा है।

एक ट्वीटर यूजर ने फिल्म “धूम-2” के सीन को पोस्ट किया है। इस सीन में एक्टर ऋतिक रोशन एक चलती हुई रेलगाड़ी में महारानी का हीरा चोरी करते दिखते है। पोस्ट में लिखा है – ‘ऋतिक रोशन ब्रिटिश संग्रहालय से हमारे हीरे, मोती, कोहिनूर भारत वापिस लाने निकल पड़े है।’

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कोहिनूर के इंग्लैंड पहुँचने की कहानी

साल 1937 में किंग जॉर्ज के शासन में आने पर पर उनके लिए मुकुट तैयार करवाया गया था। इसमें बहुत से कीमती स्टोन्स को जड़ा गया है, इन्ही में से एक कोहिनूर हीरा भी है। जानकारों के मुताबिक यह हीरा गोलकुण्डा की खान से निकला है। साल 1849 में ब्रिटिश उपनिवेश पंजाब रियासत में आने पर आखिरी सिख राजा दलीप सिंह ने महारानी को भेंट कर दिया था।

अपने प्रारंभिक समय में कोहिनूर 793 कैरेट का था जो कि बाद में 105.6 कैरेट रह गया है। हीरे का वजन 21.6 ग्राम है और यह अपने समय में दुनिया के सबसे बड़े हीरे के रूप में प्रसिद्ध था।

भारत ने की हीरा वापसी की कोशिश

देश के स्वतंत्र के बाद साल 1953 में ही कोहिनूर हीरे को वापिस लाने की माँग हुई थी। इसको इंग्लैंड ने ख़ारिज कर दिया था। इसके बाद भी भारत सरकार ने हीरे वापसी की कोशिशे जारी रखी। इस मामले में ब्रिटेन का मत है कि भारत के पास हीरे की वापिस माँग का कोई क़ानूनी अधिकार नहीं है। चूँकि यह हीरा तत्कालीन पंजाब में 13 सालों के राजा दलीप सिंह ने ईस्ट इण्डिया कंपनी को गिफ्ट किया था।

भारत के अतिरिक्त साल 1976 में पाकिस्तान के पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो ने भी कोहिनूर हीरे की माँग की थी जिसे खारिज कर दिया गया।

रहस्यमयी हीरा है कोहिनूर

कोहिनूर हीरे को लेकर धारणा है कि यह हीरा सिर्फ महिला स्वामी के लिए लाभकारी होता है। दूसरी ओर एक पुरुष मालिक के लिए यह हीरा परेशानी और मृत्यु का कारण बन जाता है। एक अनुमान के हिसाब से कोहिनूर हीरे का मूल्य डेढ़ लाख करोड़ रुपए तक हो सकता है।

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