FIR से संबंधित आपके अधिकार और नियम क्या हैं, और FIR कैसे दर्ज कराए। यहां जानें पूरी जानकारी

Credit-Vidhikarya

क्या होती है FIR:- एक आम नागरिक के साथ हुए किसी भी अपराध को राज्य तक पहुंचाने का पहली अधिकार एफआईआर ही है जिसे वह अपने निकटतम पुलिस स्टेशन या पुलिस अधिकारी को करता है।

Credit-Careers360

हमारे देश कानून के अनुसार आईपीसी की धारा  154  में एफआईआर दर्ज करने का तरीका आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। 

Credit-Lawtendo.com

हम आपको एफआईआर दर्ज कराने के नियम और इसके प्रोसेस के बारे में जानकारी दे रहे हैं-

Credit-Vakilsearch

एक लिखित दस्तावेज फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट यानी FIR किसी भी अपराध या वारदात की पहली जानकारी जो कोई भी व्यक्ति पुलिस के पास दर्ज कराता है। 

Credit-MyAdvo.in

यह एक लिखित दस्तावेज होता है जिसे शिकायत करने वाला अपने हाथ से लिखकर देता है। कई बार लिखने की स्थिति में नहीं होने पर पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता की शिकायत को लिखकर उसे पढकर सुनाता है। 

Credit-Make My Assignment

पुलिस अधिकारी द्वारा लिखी गई शिकायत को पढकर सुनाए जाने के बाद शिकायतकर्ता अपने अंगूठा का निशान या हस्ताक्षर कर सत्यापित करता है. एक बार एफआईआर दर्ज होने के साथ ही यह लिखित दस्तावेज बन जाता है। 

Credit-iPleaders

एक बात हमेशा ध्यान देने वाली बात है कि एक बार किसी पुलिस थाने में दर्ज की गयी एफआईआर को केवल अदालत द्वारा ही रद्द कराया जा सकता है या फिर राज्य की कैबिनेट से अप्रूवल के बाद ही समाप्त किया जा सकता है।

Credit-Online Legal Center

IPC की धारा 154 में FIR दर्ज करने की संपूर्ण प्रक्रिया:-

Credit-IndiaFilings

1. FIR उस क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में दर्ज करवा सकते हैं, जिस क्षेत्र में अपराध की घटना घटी हो। 

Credit-inextlive

2. यदि शिकायतकर्ता एफआईआर नहीं लिखवाता है तो वह बोलकर एफआईआर लिखवा सकता है।

Credit-The Times of India

3. किसी शिकायतकर्ता या व्यक्ति द्वारा किसी घटना की जानकारी मौखिक तौर पर देने पर पुलिस अधिकारी उसे लिखकर दर्ज करता है। 

Credit-Indiaspend

4. शिकायतकर्ता अपनी भाषा के अनुसार FIR दर्ज करवा सकता है। 

Credit-The Hans India

शिकायतकर्ता को एफआईआर की एक प्रति निःशुल्क प्राप्त करने का अधिकार है।

Credit-Tribune India