शुरुआत में बाइक पर प्रतिबंध था, जिसे बाद में हटा लिया गया। जानिए  वाहनों से होने वाले प्रदूषण के स्तर के बारे में।

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दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ गया है। इस पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।  वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वाहनों के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला काफी चर्चा में है।

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टू व्हीलर्स वाहनों को ऑड-ईवन का हिस्सा नहीं बनाया गया क्योंकि टू व्हीलर्स वाहन चलाने वालों की आबादी बहुत ज्यादा है, उन सभी को किसी अन्य परिवहन में समायोजित करना मुश्किल है।

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टू व्हीलर वाहन भी कारों के समान ही उत्सर्जन उत्सर्जित करते हैं। इनके लिए BS-VI के मुताबिक CO (g/km)- 0.5, HC+NOx (g/km)- 0.06, PM (g/km)- 0.005 की सीमा तय की गई है। 

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एमिशन में क्या होता है?

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ICE वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ पार्टिकुलेट मैटर जैसी हानिकारक गैसें भी होती हैं।

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ये सभी मिलकर वायु को प्रदूषित करते हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) एक जहरीली गैस है।

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यह रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन और हवा से थोड़ा कम घना होता है। यह ऑक्सीजन-सांस लेने वाले जीवों के लिए घातक है।

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 नाइट्रोजन ऑक्साइड ग्रीनहाउस गैसें हैं, जो ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाती हैं। यह आंखों और श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है।

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पीएम यानी पार्टिकुलेट मैटर छोटे और ठोस या तरल कण होते हैं, जो हवा में तैरते रहते हैं। इनसे सांस लेने में दिक्कत, दिल की बीमारी और यहां तक कि कैंसर भी हो सकता है।

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