हार्ट अटैक आने के संकेत, इससे बचाव के उपाय एवं अटैक की रोकथाम की जानकारी

हमारा दिल बॉडी का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग है और ये एक दिन में करीबन 1 लाख बार धड़कता है। इस प्रकार से यह 6.8 ली खून का शरीर में प्रवाह करता है। ये अंग जितना जरुरी है उतना ही कोमल भी है और इसका ध्यान रखना सभी के लिए काफी जरुरी हो जाता है।

विशेषज्ञ चिकित्सको के अनुसार दिल से सम्बंधित रोगो से बचाव करना मुमकिन है। बस इसके शुरू के लक्षणों को जान लेना है और किन्ही मामूली से उपाय करने से रोगो के खतरे को 80 फ़ीसदी तक कम कर सकते है। सरल बातो में कहे तो वर्कआउट, भोजन एवं सोने आदि क्रियाकलापों को सुधारने पर दिल के रोगो से बच सकते है।

दिल के दौरे में बढ़ोत्तरी की वजह

आज के नौजवानो की खराब जीवनशैली, नुकसानदाई भोजन, बीपी एवं वजन इत्यादि दिल के रोगो (heart attack) का कारण है। 18 से 65 साल के आयु वाले लोगो को अपनी जीवन चर्या पर काफी ध्यान देना चाहिए और शराब, नशे एवं धूम्रपान से दूर रहना चाहिए।

कभी बूढ़ो को दिल के रोग होते थे

कुछ वर्ष पूर्व की बात करें तो ह्रदय से सम्बन्धी रोगो को सिर्फ अधिक आयु के लोगो के बीमारी कह जाता था। किन्तु अमेरिकन संस्थान द्वारा की गई स्टडी के अनुसार साल 2000 से 2016 तक नवजवानो में हार्ट अटैक की दर प्रत्येक वर्ष 2 फ़ीसदी बढ़ी है। लोग अब ज्यादा कैलोरी का खाना का रहे है और बॉडी का कुछ ध्यान नहीं रख रहे है।

हार्ट अटैक के सामान्य संकेत

  • छाती में दर्द होना – यहाँ पर दबाव, भारीपन एवं अकड़न की सनस्या हो सकती है।
  • पेट के ऊपर दर्द – ऐसे में दर्द पेट से ऊपर की ओर जाता है और कभी बाए तो कभी दाए हाथ की ओर बढ़ता है। कभी तो दाँत या जबड़े में भी दर्द होने लगता है।
  • साँसो में परेशानी – कभी साँस लेने में परेशानी एवं पसीने की समस्या होती है। पेट में गैस होने का अनुभव होता है।
  • खर्राटे आते है – सोने के समय सही से ऑक्सीजन नहीं लेने से खर्राटे भी आने लगते है।

हार्ट अटैक से बचाव के उपाय

ह्रदय से जुड़े खतरनाक सकता को जानने के बाद कुछ जरुरी उपाय कर लेने चाहिए। इनसे दिल की बीमारी का घातक रूप होने से बचाव जरूर होगा।

  • वर्कआउट – अपने दिन की शुरुआत वाक, 2 से 3 किलोमीटर की रेसिंग या फिर योग-आसान करना अच्छा हो सकता है। रात के खाने के बाद कुछ दुरी तक चल सकते है और मॉर्निंग वर्कआउट तो अनिवार्य है।
  • सही समय पर सोना – अपने सोने के समय को भोजन के 3 घंटो बाद रखे और पूरे 8 घंटो की नींद लें। बिस्तर पर जाते समय स्मार्टफोन को दूर रख दें।
  • सही भोजन – अपने खाने में हरी सब्जी, दाल एवं फ्रूट को जगह दें। सफ़ेद नमक एवं चीनी की कम मात्रा लें, वसा वाले भोजन को बिलकुल न लें।
  • टेंशन न लें – आज के दौर में तनाव सभी के लिए मुसीबत बन चुका है। टेंशन से बीपी पर बुरा प्रभाव पड़ता है और प्राणायाम इत्यादि से टेंशन कम कर सकते है।

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हार्ट अटैक आने पर ऐसा करें

  • मरीज के लिए एम्बुलेन्स को फ़ोन करें अथवा अपने वाहन से हॉस्पिटल पहुँचाए।
  • पीड़ित को एस्प्रिन की गोली देकर चबाने के लिए कहे। ये दवाई बॉडी के सेल्स में खून के धक्के बनने की रोकथाम करती है।
  • पीड़ित को उस स्थान पर बिठा या लिटा दें जहाँ पर उसको उचित महसूस होता है।
  • उस व्यक्ति को बेहोसी की दशा में कुछ भी न पिलाए।
  • यदि आपके पास सर्बिट्रेट की 5 MG वाली टैबलेट उपलब्ध है तो मरीज की जीभ के नीचे रखना है।
  • हॉस्पिटल को फ़ोन से आने की जानकारी जरूर दें ताकि वे तैयारी कर सके।

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