न्यूज़

Nithyanand: कैलासा- पहले अपना खुद का देश बनाया, अब मांग रहा है शरण

कर्नाटक के सेशन कोर्ट ने वर्ष 2010 के दुष्कर्म मामले के आरोपी कथित आध्यात्मिक गुरु नित्यानन्द (Nithyanand) के नाम गैर-जमानती वारण्ट जारी किया है। अब रेप (Rape Case)के आरोपी बाबा नित्यानन्द ने श्रीलंका में राजनीतिक शरण देने की माँग की है। यद्यपि भगोड़ा घोषित कर दिए गए बाबा ने अपना खुद का देश कैलासा द्वीप बनाने का भी दावा किया है। पर अब नित्यानंद ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को पत्र लिखकर कहा है कि कैलासा देश में चिकित्सा की उचित सुविधा नहीं है।

ख़बरों के अनुसार स्वयंभू बाबा के विरुद्ध गैर-जमानती वारण्ट बीते बृहस्पतिवार को बेंगलुरु के पास के रामनगर के थर्ड एडिशनल सेशन एवं जिला न्यायाधीश ने जारी किया है। इससे पहले बाबा के खिलाफ ओपन एंडेड वारण्ट निकाला गया था, इसके बाद कर्नाटक पुलिस बाबा के अड्डे को खोजने में नाकाम रही थी। साल 2010 के रेप मामले में दर्ज़ रिपोर्ट की सुनवाई आठ सालों बाद साल 2018 में शुरू हो पाई।

यह भी पढ़ें :- वंदे भारत को लेकर रेलवे ने दिया बड़ा अपडेट! 7 सितंबर को मिलेगा तोहफा, अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी

तथाकथित बाबा की क्राइम स्टोरी

स्वयंभू बाबा पर उसकी एक शिष्या का आरोप है कि बाबा ने उसे आध्यात्मिकता के नाम पर अपने आश्रम पाँच सालों तक रखकर बलात्कार किया। साल 2010 में बाबा के पुराने ड्राइवर लेनिन (Lenin) ने आरोप लगाया था जिसके आधार पुलिस ने बाबा पर बलात्कार का केस बनाया था। इस मामले के संज्ञान ने आते ही बाबा की गिरफ्तारी की गयी किन्तु वह जमानत पर रिहा हो गया।

साल 2020 में लेनिन ने बाबा की जमानत के विरुद्ध सेशन कोर्ट में याचिक डाली। याचिका के आधार पर कोर्ट ने नित्यानन्द की जमानत को कैंसिल कर दिया। लेनिन की याचिका में कहा गया है कि नित्यानन्द जमानत मिलने के बाद देश छोड़कर भाग गया है।

सम्बंधित खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button