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Attorney General of india :मुकुल रोहतगी ने ठुकराया पद, कहा थैंक्यू , पहले भी रह चुके हैं AG

केंद्र के प्रस्ताव को मुकुल रोहतगी ने अस्वीकार कर दिया है। 30 सितम्बर के दिन वर्तमान समय के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। इसी कारण से केंद्र सरकार की ओर से उनके कार्यकाल को बढ़ाने की पेशकश हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। देश के जाने-माने सीनियर वकील Mukul Rohatgi ने भारत के अगले अटॉर्नी जनरल (एजी) नियुक्त होने के केंद्र के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

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Attorney General of india : मुकुल रोहतगी ने ठुकराया पद, कहा थैंक्यू , पहले भी रह चुके हैं AG

कार्यकाल को दो साल बढ़ाया गया है

संवैधानिक कानून विशेषज्ञ के रूप में प्रसिद्ध वर्तमान Attorney General ने 30 सितम्बर 2017 के दिन अपना पदभार सम्हाला था और इनके कार्यकाल का समय 3 सालों का था। लेकिन इस समय अवधि के बाद उनके कार्यकाल को आगे बढ़ा दिया गया था। लेकिन इस बार कार्यकाल का समय बढाये जाने पर वे इसको छोड़ने की इच्छा जाता रहे है।

इसके पीछे कोई ख़ास कारण नहीं – रोहतगी

समाचार एजेंसी NIA को बताते हुए रोहतगी ने कहा – ‘भारत सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं है, फिर से प्रस्ताव पर विचार किया और उसे अस्वीकार कर दिया है। इससे पहले NDA सरकार के दौर में भी मुकुल रोहतगी साल 2014 से साल 2017 के बीच AG का पदभार सम्हाल चुके है। इस समय रोहतगी की आयु 91 वर्ष है।

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केंद्र सरकार का शुक्रिया भी किया

अपना तय कार्यकाल पूर्ण होने पर केंद्र सरकार की ओर से एक बाद फिर से कार्यकाल को आगे करने के प्रस्ताव को रोहतगी ने इंकार कर दिया। खबरों में इस बात की पुष्टि की जा रही है कि रोहतगी ने अपने इस निर्णय से केंद्र को अवगत करवा दिया है। साथ ही उन्होंने केंद्र के इस प्रस्ताव को भेजने के लिए धन्यवाद भी दिया है।

अटॉर्नी जनरल क्या होता है?

केंद्र सरकार में अटॉर्नी जनरल (देश का महान्यायवादी) के पद को बहुत महत्वपूर्व समझा जाता है। इस पद के व्यक्ति को भारत सरकार के शीर्ष विधि अधिकारी एवं मुख्य कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य करना होता है। ये सभी कानूनी मसलों पर सरकार को सलाह देने का काम करता है। भारत सरकार की सलाह के बाद राष्ट्रपति द्वारा अटॉर्नी जनरल की नियुक्ति होती है। वह उच्चतम न्यायालय में सरकार के जरुरी मुकदमों में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि होते है। कई बार कोर्ट भी मुश्किल मामलों पर अटॉर्नी जनरल की सलाह लेते है।

नए व्यक्ति को ढूंढ़ने की सलाह दे चुके है

इसी वर्ष जून के महीने में केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को तीन महीनों के लिए बढ़ा दिया था।सरकार की ओर से तीन और महीने काम करने के आग्रह को उन्होंने मान लिया था। लेकिन इसी के साथ उन्होंने सरकार को इस पद के लिए एक नए उम्मीदवार को खोजने की सलाह देते हुए 30 सितम्बर तक पद पर बने रहने की स्वीकृति दी थी।

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