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Lumpy Virus News: क्या इंसानों के लिए लंपी से संक्रमित गाय के दूध का सेवन है खतरनाक ? जाने ये जरुरी बातें

जाने क्या इंसानों के लिए लंपी से संक्रमित गाय के दूध का सेवन है खतरनाक

Lumpy Virus News: देशभर में लंपी स्किन वायरस ने भारी तबाही मचा रखा है, बता दें आधे दर्जन उत्तर भारत के मवेशी इस वारयस की चपेट में आ गए है, यह वायरस भारत के दस से अधिक राज्यों जिनमे हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं इनमें फैल गया है। कथित तौर पर लंपी वायरस के प्रभाव से पहले ही 70000 हजार गायें इसकी चपेट में आने से अपना दम तोड़ चुकी है, यह वायरस ज्यादातर गाय, भैंस, हिरण जैसे जानवरों को प्रभावित करता है। लंपी स्किन वायरस जानवरों में रक्तपान करने वाले कीड़ों जैसे मच्छर या मक्खी के काटने से एक जानवर से दूसरे जानवर में फैल सकता है, जिससे मवेशियों की त्वचा पर गाँठ पड़ने और बुखार आने के कारण उनकी मौत हो जाती है।

इस वायरस के प्रभाव से आए-दिन पशुपालकों को बेहद ही नुक्सान हो रहा है, इससे जिन राज्यों में लंपी वायरस से गाय या भैंस इसकी चपेट में आ रहे हैं, वहाँ आम लोगों को दूध के सेवन से इस वायरस के फैलने का डर सता रहा है। जिसके कारण दूध के कारोबार भी काफी प्रभावित हो रहा है और पशुपालकों को जीवनयापन करना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन क्या यह सच है की लंपी वायरस से प्रभावित गाय के दूध का सेवन इंसानों को भी अपनी चपेट में ले सकता हैं। चलिए जानते हैं लंपी स्किन वायरस से जुडी कुछ अहम महत्त्वपूर्ण बातें।

क्या लंपी स्किन वायरस इंसानों पर भी प्रभाव डालता है ?

लंपी स्किन वायरस को लेकर अब लोगों के मन में बहुत से सवाल उठ रहे हैं जैसे लंपी वायरस से प्रभावित गाय के दूध का सेवन इंसानों के लिए कितना संक्रामक है, इस पर भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार मोहंती ने बताया की लंपी स्किन वायरससे पीड़ित गायों का दूध इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह जरूर उबालें, ऐसा करने से दूध का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है, उबले हुए दूध में सभी हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं और इससे कोई नुक्सान नहीं होता।

वहीं लखनऊ मंडल के पशु चिकित्सा अधिकारी और विशेषज्ञ अरविंद कुमार वर्मा ने बताया की इस वायरस का असर दूध में जरूर दिखाई देता है, हालाकिं इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।

लंपी स्किन वायरस से जुडी मुख्य बातें

  • लंपी वायरस से गायों के शरीर में गांठे बनने लगती है, जिससे उनका सिर, गर्दन और जननांगों ये गाठें दिखाई देने लगती है, जो बाद में चलकर घाव बन जाती है, यह वायरस एक ग्रसित पशु से दूसरे में, दूषित पानी, चारे, या गंदगी से मच्छर और मक्खियों से अधिक फैलता है, इससे गायों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है की उनकी जगहों को साफ रखा जाए।
  • इस वायरस से ग्रसित गाय के बच्चे को उससे दूर रखना चाहिए, क्योंकि ऐसा ना करने और बछड़े या बछिया को दूध का सेवन करवाने से यह उनपर भी फैल सकता है, जिससे बचने के लिए पशुपालक को संक्रमित गया और बच्चे को अलग-अलग रखना चाहिए।
  • लंपी वायरस का सबसे अधिक प्रभाव देश के कई शहर जिनमे उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दूध संग्रह में प्रतिदिन 3 से 4 चार लीटर की कमी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
  • इस वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वायरस को कंट्रोल करने का प्लान बना रही है, जिस पर उन्होंने इस बीमारी से लड़ने के लिए देसी टीका भी तैयार कर दिए जाने की भी बात कही है, लेकिन इसे अभी मर्केट में नहीं उतारा गया है।
  • अभी तक लंपी वायरस के इंसानों पर फैलने का कोई केस सामने नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों की जानकारी के मुताबिक दूध के सेवन से पहले अवश्य ही सतर्कता बनानी चाहिए और इसे गर्म करके ही पीना चाहिए, जिसके अतिरिक्त इस वायरस पर रिसर्च चल रही है।

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