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Lumpy Virus: गायों पर कहर बनकर टूटा ये वायरस, हजारों पशुओं की मौत, मवेशियों की ऐसे करें सुरक्षा

लम्पी वायरस (Lumpy Virus) ने इस समय यूपी के गाँवों को अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। अभी तक प्रशासन के पास इस तरह के 15 हजार मामलों के केश दर्ज हो चुके है। प्रदेश के 1414 गॉंवों में लम्पी वायरस की दस्तक देखने को मिल चुकी है। लम्पी वायरस ने देशभर के कई राज्यों के पशुपालकों में डर पैदा किया है। कई राज्यों के जानवरों में लम्पी वायरस त्वचा रोग को तेज़ी से फैला रहा है।

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पशुपालन निदेशालय ने जाँच तेज़ की

मामले की स्थिति को गंभीर रूप धारण करते देख पशुपालन निदेशालय ने जाँच के काम में तेज़ी लानी शुरू कर दी है। निदेशालय की और से प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को एडवायजरी भी दे दी गयी है। इसमें वायरस के मुख्य लक्षणों और इसकी पहचान करने की जानकारी दी गयी है।

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लम्पी वायरस के लक्षण

  • मवेशी के शरीर का तापमान 106 डिग्री फॉरेनहाइट होता है।
  • जानवर की भूख में कमी।
  • सबसे प्रमुख, पशुओं के चेहरे, गर्दन, थूथन, पलकों एवं पुरे शरीर में गोल गांठे आ जाती है।
  • पशुओं पैरों में सूजन, लगड़ापन एवं नर पशु की कार्यक्षमता में कमी आना।

इम्युनिटी बूस्टर डोज़ दी जा रही है

पशु चिकित्सक के अनुसार कोरोना महामारी के दौर में हम लोगों ने एलोपैथी दवाइयाँ लेकर इम्युनिटी को बढ़ाया था। उसी प्रकार से लम्पी (Lumpy Virus) के उपचार के लिए इम्युनिटी उपचार के आयुर्वेदिक उपचार लिया जा रहा है। आयुर्वेद विभाग ने गायों को वैक्सीन और टैबलेट वाले ख़ास लड्डु तैयार करवाए है। वायरस से ग्रसित गायों के संपर्क में रहने वाली गायों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए इस प्रकार के उपचार का सहारा लेते है।

राजस्थान से हिमाचल तक Lumpy Virus का प्रकोप

लम्पी वायरस का संक्रमण देशभर के 12 राज्यों के 165 जनपदों में पहुँच चुका है। इसके कारण अभी तक 50 हजार से ज्यादा मवेशी जान गवां चुके है। स्थिति को देखते हुए इसको महामारी घोषित करने की माँगे होने लगी है। देश के सभी प्रमुख राज्य जैसे यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अंडमान-निकोबार एवं केंद्र शासित राज्य वायरस से प्रभावित है।

देशभर में 11 लाख से ज्यादा पशु संक्रमित हुए है। अभी तक 50 हजार जानवरों की जान जा चुकी है। सबसे पहले यह वायरस साल 2019 में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पाया गया था। इसी साल अप्रैल माह में वायरस ने देशभर में फैलना शुरू किया था।

वायरस से बचाव के उपाय

  • लम्पी वायरस से संक्रमित पशु को अलग रखे।
  • मक्खी, मच्छार, जूं इत्यादि को मारने की व्यवस्था करें।
  • पशु की मौत होने पर इसको खुला ना छोड़े।
  • पुरे क्षेत्र में कीटनाशक दवाई का छिड़काव करें।

अभी एक लाइलाज बिमारी है – पशु विशेषज्ञ

हिमाचल से पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. ठाकुर बताते है कि यह बिमारी एक महामारी का रूप ले चुकी है। इसलिए प्रशासन और पशुपालकों को जागरूकता के साथ काम सामना करना होगा। अभी तक इसका कोई भी उपचार संभव नहीं है।

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