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दिल्ली में उत्तराखंड के पांडवाज़ का फर्स्ट लाइव कॉन्सर्ट, आप भी चले आइए..खत्म होने वाली हैं टिकट

पांडवज (Pandavaj) अपने कॉन्सर्ट के लिए कहते है कि ‘ये इवेंट नहीं इमोशन है’। आप लोग इन भावनाओं को फील करें और खुद के पहाड़ी होने पर गर्व महसूस करें। साथ ही इस इवेंट का पार्ट जरूर बने। यदि कोई व्यक्ति दिल्ली में रहता है और उसका मन पहाड़ों की यादों में डूब जाता है तो मन को सराबोर कर देने वाली एक अच्छी खबर आ रही है।

first live concert of pandavas of uttarakhand in delhi

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पांडवाज का दिल्ली में लाइव कॉन्सर्ट

दिल्ली में पांडवाज क्रिएशन का लाइव शो होने वाला है। इसका नाम है ‘अनुभूति उत्तराखंड’। पांडवज ने फुलारी, घाम-पाणी, रंचणा जैसे लोकप्रिय गीतों को बहुत सुंदर तरीके से परदे पर उतारकर पहचान बनाई है। इसके अलावा इस ग्रुप ने उत्तराखंड के लोक संगीत को नए रूप-रंग में देश-विदेश में पहुँचाने का काम किया है। दिल्ली वासी इसके कॉन्सर्ट को लाइव एन्जॉय कर सकते है। दिल्ली में होने जा रहा ‘अनुभूति उत्तराखण्ड’ प्रदेश की ओर से बड़ा इवेंट होने जा रहा है।

इस इवेंट (Anubhuti Uttarakhand) में दर्शकों को पुरस्कार विजेता मूवी सुनपत भी देखने को मिलेगी। एक और पांडवाज की परफॉर्मन्स और दूसरी ओर दर्शकों के लिए लोकप्रसिद्ध गायक संकल्प खेतवाल के गीतों का भी लुप्त मिलने जा रहा है।

पांडवाज लाइव कॉन्सर्ट टिकट बुकिंग

यह लाइव शो 25 सितम्बर के दिन शाम 5 बजे से 8 बजे तक दिल्ली के JLN वेटलिफ्टिंग ऑडिटोरियम में रहने वाला है। जो लोग इस शो में उपस्थित होकर मस्ती में सराबोर होना चाहते है वो बुकमाय शो से अपने टिकट की बुकिंग कर सकते है। इस शो में अपने साथ परिवार के सदस्यों को भी लेकर आये। इसके साथ ही अपने दोस्तों को भी शो के बारे में जानकारी साझा करे। इस इवेंट में उत्तराखण्ड के चित्रकारों एवं शिल्पकारों की प्रतिभा को भी देखने का मौका रहेगा।

जिन कलाकारों को इस इवेंट का हिस्सा बनकर अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन करना है वो पांडवाज एवं उत्तराखंड फिल्म कंपनी के शो का भाग बन सकते है।

उत्तराखंड को बाहर पहचान दिलाते रहे है

मंजिले पंखो से नहीं हौसलों से पायी जाती है। इन पक्तियों को श्रीनगर के तीन भाइयों ईशान, कुणाल और सलिल डोभाल ने सच कर दिखाया है। उत्तराखंड के लोक संगीत को देश के साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुँचाने का तय किया है। अपने लोक संगीत को मॉर्डर्न धुनों से सजाकर आज की पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बना दिया है। साल 2010 में एक कमरे के स्टूडियों में संगीत रिकॉर्डिंग के प्रयोग करते रहे।

पैसो की समस्या के कारण कुछ प्रयोग मुंबई या दिल्ली में करना संभव न था तो तीनों ने श्रीनगर गढ़वाल में ही प्रयोगशाला बना डाली। स्टूडियो में गढ़वाली फोल्क म्यूजिक प्रोडक्शन पर काम किया जाने लगा। कुणाल ने वीडियो प्रोडक्शन और सलिल ने फोटोग्राफी में सहयोग प्रदान किया।

भविष्य में शार्ट एवं फीचर फिल्म बनायेंगे

पांडवाज के मुखिया ईशान बताते है कि आने वाले समय में शार्ट गढ़वाली मूवीज को यूट्यूब पर लाने वाले है। इसके बाद सफल होने पर फुल लेंथ की फीचर मूवी भी बनाएँगे।

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