न्यूज़

Xi Jinping News: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग G-20 समिट में भारत नहीं आएंगे, पीएम मोदी को फ़ोन से सूचित किया

G20 summit Xi Jinping : भारत में हो रहे G-20 समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आधिकारिक रूप से न आने की सूचना दे दी है। जिनपिंग ने फ़ोन पर पीएम नरेंद्र मोदी को अपने न आने की सूचना दी है। अब चीन की ओर से प्रधानमंत्री ली कियांग (Li Qiang)G-20 सम्मेलन में शामिल होंगे।

जिनपिंग पहली बार G-20 समिट में भागीदारी नहीं करेंगे और वे इस वर्ष होने वाले जी-20 समिट में सम्मिलित न होने वाले दूसरे नेता है। जिनपिंग (Xi Jinping) से पहले रूस के प्रेजिडेंट व्लादमीर पुतिन ने भी पीएम नरेंद्र मोदी को कॉल करके अपने सम्मेलन में न आने की सूचना दी थी।

चीन ने ऑफिसियल तरीके से भारत को सूचना दे दी है कि चीन इस बाद के G-20 सम्मेलन का हिस्सा नहीं होगा। इस तरह से ये तय हो गया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस बार के G-20 समिट में नहीं आने वाले है। सोमवार को ही चीनी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके देश की ओर से (G20 Summit) प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग (Li Qiang) करने वाले है।

न आने की कोई वजह नहीं बताई

चीन के प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि भारत की राजधानी दिल्ली में 9 से 10 सितम्बर तक होने जा रहे 18वें G-20 समिट में भारत की सरकार के निमंत्रण के बाद ली कियांग ही सम्मिलित होंगे। प्रवक्ता ने भारत में होने वाले इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में चीनी राष्ट्रपति के न शामिल होने की कोई विशेष वजह की जानकारी नहीं दी है।

इसके साथ ही इसी हफ्ते जकार्ता ने हो रहे ‘पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन एवं आसियान’ में भी जिनपिंग नहीं जा रहे है। यहाँ भी चीनी पीएम ही अपने देश का नेतृत्व करेंगे।

पीएम मोदी ने आपत्तियों का जवाब दिया

इसी बीच सरकार ने कहा है कि भारत के विभिन्न भागो में G-20 की मीटिंग हुई थी। ये मीटिंग अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हुई थी। और इसको लेकर चीन एवं पाकिस्तान ने आपतियाँ प्रकट की थी। चीन के लिए अरुणाचल प्रदेश और पाकिस्तान के लिए जम्मू-कश्मीर विवादित जगह है।

पीएम मोदी ने मिडिया को दिए इंटरव्यू में कहा – ‘ये प्रश्न उस समय वैध होता जब हमने उन स्थानों पर मीटिंग करने से परहेज़ किया होगा। हमारा देश विशाल एवं विविधता से परिपूर्ण है। देश में G-20 मीटिंग होने पर ये स्वाभिक है कि देश के प्रत्येक भाग में इसका आयोजन हो।’

दोनों नेता की आखिरी मीटिंग ब्रिक्स में हुई थी

शी जिनपिंग और पीएम नरेंद्र मोदी ने अंतिम बार साऊथ अफ्रीका के ब्रिक्स समिट में ही मीटिंग की थी। भारतीय विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया – ‘प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को दोनों देशों की सीमाओं पर हो रही गतिविधियों को लेकर भारत की चिंताओं से परिचित किया था।’

बहुत से जानकारों के राय में चीन का ये कदम इस बाद का भी इशारा है कि वो भारत-चीन सीमा के विवाद को हल करने की इच्छा नहीं रखता है।

pm-narendra-modi
pm-narendra-modi

मई में श्रीनगर में जरुरी देश आये थे

G-20 कार्य समूह की तीसरी मीटिंग का आयोजन श्रीनगर में हुआ था। इस मीटिंग में चीन को छोड़कर अन्य देशों के प्रतिनिधि सुरम्य घाटी का दौरा करने गए थे। इससे पहले मार्च के महीने में G-20 के सदस्य भारी संख्या में अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर गए थे। इस मामले पर आपत्ति करने पर भारत ने चीनी दावों को जवाब दिया था कि वे अपने क्षेत्र में मीटिंग करने के लिए आजाद है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी है कि G-20 में भारत की अध्यक्षता के कार्यकाल के तक सभी 28 प्रदेशों एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशो के 60 शहरों में 220 से ज्यादा मीटिंग हो जाएगी। पीएम के अनुसार, करीबन 125 देशों के 1 लाख से ज्यादा प्रतिभागी भारत के लोगो का कौशल देखने वाले है।

G-20 संघठन का महत्व

इस संघठन के सदस्य देश GDP (वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद) का करीबन 85 फ़ीसदी, ग्लोबल बिज़नेस का 75 फ़ीसदी से ज्यादा रखते है। साथ ही ये दुनिया की आबादी में करीबन दो तिहाई आबादी रखते है।

सम्बंधित खबर

Leave a Reply

Back to top button
लहसुन दिलाएगा आपको फैट से राहत, तेजी से घटेगी पेट की चर्बी सोफिया अंसारी कौन है – Sofia Ansari Short Bio खाली पेट न करे इन 7 चीजों का सेवन, वरना हो सकती है आपकी सेहत ख़राब ज्यादा चीनी खाने से शरीर को हो सकते हैं ये 7 नुकसान बच्चे-बच्चे को पता होनी चाहिए अपने देश के बारे में ये 10 बाते